चर्चा में क्यों? (Why in News?)
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने “ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2025” रिपोर्ट जारी की है।
- यह रिपोर्ट भारत के ऊर्जा भंडार, उत्पादन, खपत, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों और ऊर्जा दक्षता पर विस्तृत डेटा प्रदान करती है।
- यह नीतिगत निर्णयों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रमुख निष्कर्ष (Key Findings)
1. ऊर्जा उत्पादन और खपत (Energy Production and Consumption)
• भारत की कुल प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति में वृद्धि दर्ज की गई।
• कोयला और पेट्रोलियम उत्पाद अभी भी भारत की प्रमुख ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं।
• नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का योगदान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
2. ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी (Share of Energy Sources)
• कोयला (Coal): भारत में कुल ऊर्जा खपत का सबसे बड़ा स्रोत।
• पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस: परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रमुख भूमिका।
• नवीकरणीय ऊर्जा: सौर, पवन और जलविद्युत का योगदान बढ़ा।
• परमाणु ऊर्जा: बिजली उत्पादन में सीमित लेकिन स्थिर भूमिका निभा रही है।
3. नवीकरणीय ऊर्जा की वृद्धि (Growth of Renewable Energy)
• भारत सरकार के राष्ट्रीय सौर मिशन और पवन ऊर्जा परियोजनाओं ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
• 2025 तक, 100 GW से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होने का अनुमान।

4. ऊर्जा दक्षता और बचत (Energy Efficiency and Conservation)
• ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) द्वारा ऊर्जा बचत और कुशल ऊर्जा खपत को बढ़ावा देने के प्रयास।
• ऊर्जा गहन उद्योगों में दक्षता बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधार।
सरकार की पहल (Government Initiatives)
1. उजाला योजना (UJALA Scheme)
• एलईडी बल्ब और उपकरणों के माध्यम से ऊर्जा खपत में कमी।
2. राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा मिशन (National Bio-Energy Mission)
• बायोगैस और बायोमास आधारित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा।
3. फेम योजना (FAME Scheme)
• इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए।
4. ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (Green Hydrogen Mission)
• स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर भारत का अग्रसर होना।
निष्कर्ष (Conclusion)
- भारत ऊर्जा परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहाँ पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार की नीतियाँ और निवेश बढ़ रहे हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है ताकि ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिक बिंदु (UPSC Exam Relevant Points)
• ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2025 रिपोर्ट राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा प्रकाशित।
• भारत की प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति में कोयले की प्रमुख भूमिका।
• नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का तेजी से विकास।
• सरकार की प्रमुख ऊर्जा पहल: उजाला योजना, फेम योजना, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन।
• ऊर्जा दक्षता और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए ऊर्जा प्रबंधन आवश्यक।
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